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Showing posts from August, 2021

Essence of all religions holy books

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(1)कुल एक मालिक एक हैं।वह मानव सदृश है।उस प्रभु का नाम कबीर (कविरदेव)साहेब है।सत्पुरुष, अकाल मूर्ति,परम अक्षर ब्रह्म, वासुदेव (सर्व गतम ब्रह्म)पूर्ण ब्रह्म,अल्लाहु अकबर, सत्य कबीर, हक्का कबीर आदि उस  पूर्ण  परमात्मा कबीर नाााााााााा नाम है। उस पूर्ण परमात्मा का वास्तविक नाम कबीर साहेब(कविर्देव) है ! (२) यही वह परमेश्वर है जिसने एक 6 दिन में सृष्टि रच कर सातवें दिन तख्त पर जा विराजा।( पवित्र  बाइबिल  त्त उत्पति ग्रंथ) (३) कुरान शरीफ  सूरत  फूरकानी नंबर 25, आयत नंबर ,,52 से 59 , फजाइले आमाल के अन्दर , फजाइले  जिक्र , फजाइले दरूद शरीफ आदि में स्पष्ट है। (४)चारो  वेदों   में  भी कविर्देव (कबीर साहेब) नाम से पूर्ण परमात्मा की  महिमा   बताई है। (५)  यजुर्वेद   अध्याय   नंबर 1 के नंबर 15, अ. नंबर  5 के श्लो श्लोक   नम्बर १ तथा 32, अ. न.29के श्लोक न.25 तथा अ. न.40 के श्लोक नम्बर  8 में  प्रमाण   कि परमात्मा सशरीर है तथा आकार में है।वह कबीर साहेब(कविर्देव) है,जो...

श्रीराम और लोमष ऋषि की वार्ता सुनकर हैरान रह जाओगे आप 🤭

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एक  समय  की बात है। जब सीता जी को  श्रीराम ने  वाल्मी्कि् ऋषि के  आश्रम में भेज दी तब  अयोध्या  का किल बनाने   हेतु जमीन की खुदाई की गई। जब 25,30 फीट खुदाई हो गई तब उसमे से एक बड़ा गोल गोल  पत्थर निकला उसको जब फोडा गया तो उसमे से लोमस ऋषि निकले। उसकी आंखे बंद थी। इसकी  सूचना  श्रीराम को दी गई। श्रीराम ने आकर कहा "नमो नारायण,नमो नारायण। जैसा भी वो कहते थे। लोमश जी बोले  कौन? श्रीराम जी बोले  मैं दशरथ पुत्र राम लोमश जी बोले वनवास से आ गए? जी हां सीता को जंगल में भेज दिया? हा भेज  दिया  तब लोमश जी कहा  "मेरे ऊपर वापिस मिट्टी डाल दो मैं बाहर नहीं आऊंगा" क्यों? लोमश जी बोले कि मैं ऐसे गंदे लोक में नहीं आऊंगा अब  कलियुग आने वाला है । तब श्रीराम जी बोले "मैं आपको एक अंगूठी देना चाहता हूं। लोमश जी बोले "करमंडल में डाल दो" श्रीराम जी ने जैसे ही उस करमंडल में अंगूठी डालनी चाही तो उसमे पहले से 83 अंगूठियां और पड़ी हुई मिली। श्रीराम जी बोले "इसमें तो 83अंगूठियां और पड़ी हुई है। लोमश जी बोले "आपक...